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ICANN प्रेस रिलीज: मुंबई में ICANN85: सभी के लिए सिंगल, इंटरऑपरेबल इंटरनेट को मजबूत करना

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नई दिल्ली, भारत – 5 फरवरी 2026 – इंटरनेट कॉरपोरेशन फ़ॉर असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स (ICANN) 7–12 मार्च 2026 तक मुंबई में अपनी 85वीं सार्वजनिक बैठक आयोजित करेगा, इसकी मेज़बानी इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तत्वावधान में नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (NIXI) द्वारा की जाएगी। एक अरब से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं और तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ, भारत दुनिया भर के प्रतिभागियों के लिए ICANN85 कम्युनिटी फोरम में एकत्र होने के लिए एक आदर्श स्थान है, ताकि इंटरनेट के सुरक्षित और स्थिर संचालन को सुनिश्चित करने वाले तकनीकी कार्य को आगे बढ़ाया जा सके।

स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट के लिए ICANN के वाइस प्रेसिडेंट और एशिया पैसिफिक क्षेत्र के मैनेजिंग डायरेक्टर समीरन गुप्ता ने कहा, "हैदराबाद में ICANN की सार्वजनिक बैठक के दस वर्ष बाद, मुंबई में आयोजित होने वाला ICANN85 कम्युनिटी फोरम भारत के इंटरनेट समुदाय के लिए वैश्विक स्तर पर इंटरनेट गवर्नेंस से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवाद में भाग लेने और अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का एक उत्कृष्ट अवसर प्रदान करता है"। "मैं ICANN85 को मुंबई लाने के लिए अपने मेज़बान NIXI का धन्यवाद करना चाहता हूं और उम्मीद करता हूं कि बैठक सार्थक होगी।"

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव और NIXI के चेयरमैन श्री एस. कृष्णन, IAS, ने कहा, "भारत का डिजिटल परिवर्तन एक खुले, सुरक्षित, समावेशी और मजबूत इंटरनेट पर आधारित है। ICANN85 की मेजबानी इंटरनेट गवर्नेंस के बहु-हितधारक मॉडल और ऐसे नीतिगत ढांचे को आगे बढ़ाने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो वैश्विक इंटरनेट इकोसिस्टम में नवाचार, समावेशन और विश्वास को देता है।"

ICANN85 के प्रमुख विषय: नया gTLD प्रोग्राम, बहुभाषी इंटरनेट को आगे बढ़ाने में ICANN समुदाय की भूमिका और बहु-हितधारक मॉडल

ICANN85 का आयोजन एक महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है – अप्रैल में नए gTLD प्रोग्राम के अगले आवेदन चरण के शुभारंभ से ठीक पहले। यह प्रोग्राम, जो डोमेन नेम सिस्टम का अगला विस्तार है, व्यवसाय, समुदाय, सरकार और अन्य संगठनों को अपने संगठन, समुदाय, संस्कृति, भाषा और ग्राहकों की रुचियों के अनुरूप नए टॉप-लेवल डोमेन के लिए आवेदन का एक दुर्लभ अवसर प्रदान करता है। बैठक में अगले आवेदन चरण और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण अपडेट शामिल होंगे।

नया gTLD प्रोग्राम, इंटरनेट की अद्वितीय पहचान प्रणाली (Unique Identifier System) के विश्वसनीय संरक्षक के तौर पर सभी के लिए एकल, वैश्विक रूप से इंटरऑपरेबल इंटरनेट को मजबूत बनाने के ICANN के 2030 विज़न को आगे बढ़ाने में मदद करता है। यह बहुभाषी इंटरनेट दुनिया भर के लोगों को अपनी भाषाओं और स्क्रिप्ट्स में इंटरनेट इस्तेमाल करने में सक्षम बनाता है, जो इंटरनेट उपयोग के विस्तार के प्रति भारत सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

ICANN85, ICANN की पहली सार्वजनिक बैठक है, जो संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 17 दिसंबर 2025 को WSIS+20 परिणाम दस्तावेज़ को अपनाए जाने के बाद आयोजित की जा रही है। सूचना समाज पर विश्व शिखर सम्मेलन: 20 वर्षीय समीक्षा (WSIS+20) ने इसकी पुनः पुष्टि की है कि इंटरनेट एक साझा वैश्विक संसाधन है, जिसकी स्थिरता, खुलापन और इंटरऑपरेबिलिटी बहु-हितधारक मॉडल दृष्टिकोण पर निर्भर करती है, जिसे ICANN और भारत सरकार दोनों का सशक्त समर्थन प्राप्त है।

WSIS+20 एक एंड पॉइंट नहीं, बल्कि पुनः पुष्टि का प्रतीक रहा, जिसने बहु-हितधारक मॉडल के काम को निरंतर जारी रखने की आवश्यकता को दर्शाया, इंटरनेट गवर्नेंस इकोसिस्टम में नई आवाज़ों और विशेषज्ञता को शामिल किया, ज्ञान हस्तांतरण और क्षमता निर्माण को मजबूत किया और ICANN सार्वजनिक बैठकों जैसे मंचों के माध्यम से सहभागिता को बनाए रखा।

ICANN कम्युनिटी एक्सीलेंस अवॉर्ड

समुदाय के उत्कृष्ट सदस्यों के योगदान को सम्मानित करने की अपनी परंपरा को जारी रखते हुए, ICANN कम्युनिटी एक्सीलेंस अवॉर्ड, वेलकम सेरेमनी (9 मार्च 2026) के दौरान प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार ICANN समुदाय के उन सदस्यों को पहचान दिलाता है, जिन्होंने सर्वसम्मति-आधारित समाधानों में उल्लेखनीय कार्य किया है और ICANN के बहु-हितधारक मॉडल में सार्थक योगदान दिया है।

पंजीकरण

प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होने के लिए पंजीकरण 6 मार्च 2026 तक खुला रहेगा। ऑन-साइट पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उपस्थिति निःशुल्क है और सभी के लिए खुली है। अधिक जानकारी और पंजीकरण के लिए, कृपया बैठक की वेबसाइट देखें।

ICANN के बारे में

ICANN का उद्देश्य एक स्थिर, सुरक्षित एवं एकीकृत वैश्विक इंटरनेट सुनिश्चित करने में मदद करना है। इंटरनेट पर किसी अन्य दूसरे तक पहुंचने के लिए, आपको अपने कंप्यूटर या अन्य डिवाइस में एक पता – नाम या नंबर – टाइप करना होता है। वह पता यूनिक होना चाहिए, ताकि कंप्यूटर को पता हो कि एक-दूसरे को कहां ढूंढना है। ICANN दुनिया भर में इन यूनिक आइडेंटिफायर के समन्वय और समर्थन में मदद करता है। ICANN की स्थापना 1998 में एक गैर-लाभकारी सार्वजनिक हित संस्था के रूप में हुई थी, जिसमें दुनिया भर के प्रतिभागियों का एक समुदाय शामिल है।

NIXI के बारे में

नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (NIXI) भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधीन काम करने वाला एक गैर-लाभकारी संगठन है। NIXI, घरेलू इंटरनेट ट्रैफ़िक के कुशल आदान-प्रदान को सुगम बनाकर, .IN एवं .भारत (.Bharat) कंट्री-कोड टॉप-लेवल डोमेन का प्रबंधन करके और देशभर में इंटरनेट सेवाओं को अपनाने पर जोर देकर भारत के इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपनी पहलों के माध्यम से, NIXI भारत के डिजिटल विकास की महत्वाकांक्षाओं के अनुरूप एक सुरक्षित, मजबूत एवं समावेशी इंटरनेट इकोसिस्टम का समर्थन करता है।

मीडिया संपर्क

लिआना टीओ
सीनियर डायरेक्टर, ग्लोबल कम्युनिकेशंस, एशिया पैसिफिक
ICANN
टेलीफ़ोन +65 9113 2001
liana.teo@icann.org
या press@icann.org

पीयूष शर्मा
नेशनल इंटरनेट एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया (NIXI)
टेलीफ़ोन: +91 999 050 6344
piyush.sharma@nixi.in

Domain Name System
Internationalized Domain Name ,IDN,"IDNs are domain names that include characters used in the local representation of languages that are not written with the twenty-six letters of the basic Latin alphabet ""a-z"". An IDN can contain Latin letters with diacritical marks, as required by many European languages, or may consist of characters from non-Latin scripts such as Arabic or Chinese. Many languages also use other types of digits than the European ""0-9"". The basic Latin alphabet together with the European-Arabic digits are, for the purpose of domain names, termed ""ASCII characters"" (ASCII = American Standard Code for Information Interchange). These are also included in the broader range of ""Unicode characters"" that provides the basis for IDNs. The ""hostname rule"" requires that all domain names of the type under consideration here are stored in the DNS using only the ASCII characters listed above, with the one further addition of the hyphen ""-"". The Unicode form of an IDN therefore requires special encoding before it is entered into the DNS. The following terminology is used when distinguishing between these forms: A domain name consists of a series of ""labels"" (separated by ""dots""). The ASCII form of an IDN label is termed an ""A-label"". All operations defined in the DNS protocol use A-labels exclusively. The Unicode form, which a user expects to be displayed, is termed a ""U-label"". The difference may be illustrated with the Hindi word for ""test"" — परीका — appearing here as a U-label would (in the Devanagari script). A special form of ""ASCII compatible encoding"" (abbreviated ACE) is applied to this to produce the corresponding A-label: xn--11b5bs1di. A domain name that only includes ASCII letters, digits, and hyphens is termed an ""LDH label"". Although the definitions of A-labels and LDH-labels overlap, a name consisting exclusively of LDH labels, such as""icann.org"" is not an IDN."